Heart ko kaise swasth rakhe - दिल को कैसे सुरक्षित रखे

Heart को कैसे स्वस्थ रखे, Heart Attack से कैसे बचे।

Heart को कैसे स्वस्थ रखे | Heart Attack से कैसे बचे।

हार्ट attack जैसे जान लेने बाली दिक्कते उम्र, लिंग और किसी समय देखके नेही आते। कुछ दीन पेहले एक Report मे बताया गया की इंडिया मे दिल के समस्या से मरने बाली लोगो का संख्या बाड़ रहा हे। इंडिया मे मरने बाली लोगो मे से 30℅ लोगो का मत Heart के समस्या के कारण होता हे। आज के दीन मे हमारे lifestyle मे बोहत बद्लाब आया हे। हाम बोहत ब्यस्त हौ चुके हे जिसके कारण हाम आपने शरीर की तरफ़ ध्यान ही नेही देते और हाम एक अस्बस्थकर जिन्देगी जीते हे। इसलिए मोत के हर दीन ब दीन बाड़ रही हे। आप आपने आस पास देखिए दिल के समस्या कितने बाड़ चुकीं हे। आज कोई भी उम्र का इनसान को दिल के समस्या हौ सकती हे। कहीं कोई बाप आपने 18 साल की लड़की को ले जा रही हे cardiologist के पास तो कोई 30 साल की लड़के भी दिल के समस्या से परेसान हे। इसके कारण किसी किसिका मौत भी हौ रहा हे तो किसीने बच भी जाता हे Emergency Operation की सहायता से। लेकिन आगर लोग सचेतन रहे तो Heart Attack जैसा समस्या से बच भी सकता हे।

झुटे बिश्वास और उसके सच्चाइ

कुछ बिश्वास जो इनसान बिना सच्चाइ पाता किए साच मान बैठते हे। ये एक बड़ी समस्या हे। और ये समस्या Heart Attack को लेकर भी हे। इसलिए साबधानी कम रहा हे और बिपद बाड़ रहा हे। जैसा की
  • महिलाओ से ज्यादा Heart Attack पुरुष को ही होता हे ----  ये बात बिलकुल ग़लत हे। क्यू की इस बात का कोई भी आधार नेही हे। ये बात सही हे की महिलाओं के शरीर मे प्री - मेनोपजाल पिरियड मे कुछ hormones निकलते हे जो Heart Attack से बचने मे मदत करती हे। लेकिन मेनोपोज के बाद महिलाओ की Heart Attack होने की सम्भाबना किसी पुरुष से कम नेही होती।
  • बोहत सारे लोगोका ये मानना हे की पुरुष ब्याक्ति का Heart Attack आने के उम्र हे 40 के बाद हे। और महिलाओं की Heart Attack होने की उम्र हे 45 के बाद। लेकिन doctors कहते हे की Heart Attack होने का कोई उम्र नेही हे। हार्ट attack किसिभी ब्याक्ति को काभिभी हौ सकती हे। आर्टेरियोसक्लेरोसिस एक एसा रोग हे जिसके कारण आर्टारि यानी धमनी मे फेट जमना शुरु हौ जाति हे। लेकिन जन्म के बाद से ही धमनी मे फेट जमने का काम शुरु हौ जाति हे। उसके बाद फेट बाड़ते रेहते हे और एक समय पे धमनी मे फेट का ब्लॉकेज बाड़ जाति हे जो Heart Attack होने का सम्भाबना बाड़ा देती हे। ये केहना हे doctors का।

Heart Attack समस्या बाड़ने का कुछ कारण

Heart Attack होने के सम्भाबना के पीछे जैसे जिबनधारनगत कारण रेहते हे बैसे ही रेहते हे परिबार का इतिहास भी।
  • चिकित्सको का ये कहना हे की सिर्फ धूम्रपान नेही, किसिभी प्रकार की तंबाकू का सेबन हार्ट के समस्या को बाड़ा देती हे। आजकाल आर्बान माहिलाओ के अंदर धूम्रपान की प्रबनता बाड़ रही हे। माहिलओ की Heart Attack के लिए ये भी एक कारण हे।
  • किसिभी प्रकार Tension आगर मात्रा के बाहर चले जाति हे तो ये क्षतिकर हे। ओर हाइपर टेंशन किसिभी उम्र मे हौ सकती हे। चिकित्सोको का कहना हे Blood Pressure को 120/80 के आसपास रखने की कौसिस कीजिए।
  • भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसा राष्ट्र को Diabetes Capital Of The World कहा जाता हे हे। बिशेषज्ञो के माने तो उन लोगो का कहना हे Europe के देश के तुलना मे साउथ एशिया की देशो मे Diabetes ज्यादा होती हे जेनेटिक कारणो की बजेह से। और इसलिए बाड़ जाति हे Heart Attack होने की भय। जिसके परिबार मे किसिका Diabetes हे तो उनको साल मे एकबार और जिसके परिबार मे किसिका Diabetes नेही हे तो उन्हें 3 साल मे एकबार sugar test करबाना जरुरी हे।
  • कोलस्ट्रॉल का समस्या भी Heart Attack होने की खातरा को बाड़ा देती हे।
  • इसके अलबा परिबार मे सिर्फ पिता ही नेही आगर माता का भी Heart की समस्या हे तो Heart Attack होने की सम्भाबना को उड़ाया नेही जा सकता।
हाइपर टेनसेन, Diabetes या फिर कोलस्ट्रॉल इनमें से कोई भी एक रोग Heart Attack की कारण बान सकती हे। इसलिए इन सभी रोगो पर लगाम लगाना जरूरी हे।

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Heart Attack के लक्ष्मण

दिल के दौरे का एक बड़ी लक्षण हे सीने मे दाबाब मेहसुस करना या फिर सीने मे दर्द मेहसुस करना जो दर्द बाद मे बाये हाथ, पीठ तक फ़ेल सकती हे। इसे लॉग गैसट्राइटिस समझ कर गलती कर देते हे। इसलिए खुद ही दुकान से दबाइ खरिदकर खाने लाग जाते हे। खुद हि antacids खाकर दर्द कमाने का तरीका ग़लत हे। इसके अलबा डायबिटिज रोगिओ का अचानक पसीना आना, दिमाग घूम जाना, श्वास लेने मे दिक़्क़त होना या Heart Bit तिब्र गति से कम जाना या फिर बाड़ जाना भी हार्ट Attack के लक्षण के हिसाब से धरा जाता हे।
Heart को कैसे स्वस्थ रखे | Heart Attack से कैसे बचे।

Heart Attack से कैसे बचे

आगर किसिको ऊपर मे बाताया हुआ लक्षनो मे से कुछ भी दिखाइ दे रहा हे तो उसे जल्द से जल्द Hospital लेजाइए। Attack के 3 घंटे की अन्दर आगर चिकित्सा शुरु हौ जाति हे तो उसे बचाना सम्भब होता हे। ये 3 घंटे ही गोल्डेन पिरियड होता हे रोगी के लिए। जितना देर होता हे चिकित्सा मे उतना ही बाड़ते रेहते हे हार्ट के सेल और मासल डैमेज। इस क्षति का पुरण सम्भब नेही हे। इसलिए आगर दर्द हुआ तो इसिजि करबाइए। ट्रोपोनिन नाम के एक ब्लड टेस्ट होता हे बो भी करबाना जरूरी हे। समय रेहते ही रिभाइभ करके, सही इलाज के द्वारा रोगी फिर से स्वस्थ जिबन जीने लाग सकते हे।


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