Parenting tips in hindi ~ बच्चे को कैसे परबरिश करे


बाच्चो को दीजिए घू्मने और खेलने की आजादी

Parenting tips in hindi ~ बच्चे को कैसे परबरिश करे
याद राखिए हर कोई बच्चा सबके साथ आसानी से दोस्ती कर नेही पाती। इसलिए उसको दोस्ती करबा ने के लिए उसकी parents को ही आगे आना पड़ेगा। ये हर पिता माता का दायित्ब होता हे उसको बाहार के दुनिया से अबगत करना।

बोहत बार ये देखा जाता हे की बच्चे बाहार के लोगो के सामने अपने आपको सीमित कर रही हे। यानी बो खुदको अंजान आदमी से दूर रख रही हे। हालाकी बो घर मे ठीक खेल रही हे, नाच रही हे, गाना गा रही हे। लेकिन घर की बाहार के किसिभी आदमी से बात ही नेही कर रही हे। इसके अलबा पड़ोस मे रेहने बाली बच्चे आगर आप की घर मे आती हे तो उससे भी नेही खेल रही हे। बो खुद अकेला खेलने मे ब्यास्त रेहति हे।
आज के समय लगभग सभी बाच्चे की parents काम पार चले जाति हे। इसलिए बच्चे का देखभाल उसकी नाना और नानी करते हे। और बो बाच्चे को सुरक्षित राखने के लिए उसको बाहार नेही निकलने देते हे। इसलिए बो घर मे बंद रेहती हे। उसकी friends होता हे Teddy Bear, Dolls या फिर घर मे आने जाने बाले दो एक ब्याक्ति। इसलिए बो बाहर की दुनिया से बिलकुल आंजान रेहते हे। और उसी बाहार के दुनिया से आपने बाच्चे को अवगत कराने का काम बाच्चे की पिता और माता को होती हे। स्कूल लाइफ के शुरु मे आगर आपका संतान किसी और बाच्चे के साथ friendship नेही कर पाते हे तो बो बादमे खुद्को अलग मेहसुस करेगा। इसलिए उसकी पेरेंट्स को समय रेहते ही कदम उठाना पड़ेगा उसको ये बड़ी दुनिया मे जिबन जीने का तरीका सिखाने के लिए।

Negative बातो से नेही

बोहत समय ये देखा जाते हे की बच्चे किसी और से बात करने मे या खेलने मे सर्म मेहसुस करती हे। आगर कोई और चार बाच्चा उसकी सामने खेल रही हे। और बो उन बाच्चो के साथ नेही खेलके अकेला बेठा रेहता हे तो। उस बाच्चे का parents को ये दायित्ब होता हे की आपने बाच्चे को बाकि ओर बाच्चो से Friendship करबा देना। उसी समय आपको कभिभी आपने बच्चो को ये नेही बलना चाहिए की "तुम किसिसे दोस्ती नेही कर सकते। बाकी और बाच्चे खेल रहा हे तुम क्यू उसके साथ नेही खेल सकते।  देखो कैसे तुम अकेला बैठा हुआ हौ।".......... एसा negative बात करने से आच्छा हे की आप आपने बाच्चो को पूछिए क्या तुम उन सभी के साथ खेलना चाहोगे? और उसको ले जाइए बाकी और बाच्चो के पास एक दूसरे को परिचय करबा दीजिए आपने बाच्चो से। इसलिए आपको ही सभी बाच्चो के साथ दोस्ती करना पड़ेगा। आपको खुद्को mediate करना पड़ेगा आपने बाच्चो से दूसरे के बाच्चे के साथ दोस्ती करबा ने के लिए।

Performance दिखाने का चाप मत दीजिए

घर मे बाच्चे कितना ही आच्छा से गान, नाच करते क्यू ना हौ। बाहार के किसी आदमी के सामने बो ज़्यादातर समय दिखाना नेही चाहते हे। इसलिए उसको किसी और के सामने ज़ोर मत कीजिए perform करने के लिए। आगर आपके घर मे कोई आया हे या फिर आपका बाच्चा किसी और के घर गया हे तो। performance दिखाने के लिए उससे पूछिए क्या तुम नाचना या गाना चाहते हौ? आगर बो राजि होता हे तो ठीक हे नेही होता हे तो छोड़ दीजिए और उसे आपने हिसाब से रेहने दीजिए।

बाच्चो को साबालो का जबाब देने दीजिए।

"क्या नाम हैं तुम्हारा? कौन सा क्लास मे तुम पड़ते हौ?" एसा साबाल लगभग सभी आदमी बाच्चो से पूछते रेहते हे। लेकिन बोहत सारे पेरेंट्स इसका जबाब खुद ही दे देते हे। बच्चे को जबाब देने का समय नेही देते हे। ये ग़लत हे इससे संतान को आत्मबिस्वास मे चोट लगती हे। बो समझ ते हे की जबाब देना उसके काम नेही हे। इसलिए उसे जबाब देने का समय दीजिए। आगर बो नेहि जबाब दे पा राहा हे तो उसे Help कीजिए। उसे बलिए तुम तो जानते हो तुमहारा नाम, क्या नाम बताओ तो? इस तराह से हल्के अंदाज़ मे पूछ कर जबाब ले लीजिए। इससे बो समझेगा की उसकी साबालो का जबाब उसको खुदा ही देना पड़ेगा।

खेलने दीजिए बच्चो को

पूरे दीन आपको आपना बच्चे के लिए कुछ समय देना ही होगा । उसको किसी play ground मे ले जाकर बाकी और बाच्चो के साथ खेलने के लिए छोड़ दीजिए। शुरु शुरु मे बो अकेला एक पास मे खड़ा रेह सकता हे।लेकिन कुछ दीन बाद बो खुद ही आपना पसन्दिदा स्लीप मे चले जाएगा। खुद ही आपना choice के अनुसार Bat या Ball करने लगेगा। धीरे धीरे कुछ दीन बाद खुद ही play ground मे चले जाएगा खेलने के लिए। Holidays मे उसकी दोस्तो या पड़ोस के बाच्चो को आपने घर मे लेकर आइए खेलने के लिए। इससे उसका दोस्ती और भी आच्छा होगा।

Eye Contact जरूरी हे

बच्चें को आंखो की और देख कर बात करने का आदत डाल दीजिए। इसके लिए आप Dolls का इस्तेमाल करके practise करबा सकते हे। इसका फ़ायदा ये होगा जाब कोई आंजान आदमी आपके घर मे आएगा ताब आपके बाच्चे का डर यानि भय काट जाएगा।

बच्चे को दुसरे के साथ मिशने दीजिए

बोहत सारे ऐसे parents हे जो आपने बाच्चो को आपने आप से दूर नेही जाने देते। किसी के साधी मे आगर जाते हे तो बच्चे अपने पास ही रखते हे जाने नेही देते। आगर Train मे journey करते हे तो उसको Smartphone देकर बंद राखके आपने आंख के पास बैठा कर राख देते हे। इससे बाच्चे का socialize होने का चाहत ही तोड़ देते हौ आप। इसलिए आगर कोई आपके बाच्चे के साथ बात करना चाहते हे तो उससे बात करने दीजिए। उसका हार साबालो की जबाब देने मे आपने बाच्चो को थोड़ासा मदत भी कीजिए। बाच्चे को आपने आंखो की सामने ही रखिए लेकिन सबके साथ मिलने दीजिए।

Parents से ही बाच्चे शिखते हे

सभी बच्चे के लिए उसका पिता और माता होता हे उदाहरण। बच्चे आपको जैसा दिखेगा बो वोही शिखेगा। इसलिए आप Smartphone मे ज्यादा समय ना बिताकर खुद को भी socialize करिए। बाहार जाब जाएंगे सब के साथ बात कीजिए, आपना बच्चो को भी दुसरो लोगो से बात करबाइए।
एसा छोटा छोटा कदम ही आपके बच्चे को बाहार की दुनिया से डर यानि भय काट जाएगा। जिसके कारण आपका बच्चा शारीरिक और मानसिक तरिके से पूरा फिट रहेगा।
Parenting tips in hindi ~ बच्चे को कैसे परबरिश करे

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