Badalte hue mousam mei bachcho ko surakshit kaise rakhe

बदलते हुए मौसम मे बच्चो को ऐसे रखिए सुरक्षित।

बदलते हुए मौसम मे बच्चो को ऐसे रखिए सुरक्षित
जब मौसम बदलता हे नया बिमरिआ भी होने लगता हे। इसलिए बदलते हुए मौसम मे अपने साथ साथ अपने बच्चो का ध्यान रखिए।
अब मौसम थोड़ा थोड़ा करके बदल रही हे। दीन छोटा और रात बड़ा लगने लगेगी धीरे धीरे। शुभे और रात मे ठण्ड लगने लगेगी। मौसम बदलते समय लोगो का बिमारी होना भी शुरु हौ जाति हे। क्यूँ की इस समय वायरस और बैक्टीरिया से पैदा होने बाली बिमरिओ के आक्रान्त लोगो की संख्या बढ़ रही हे। हर साल बदलते हुए मौसम मे बोहोत सारे लोगो होyou जाते हे। इस बदलते हुए मौसम मे सबसे ज्यादा बीमार बच्चो को होना पड़ते हे। क्यूँ की बच्चो की रोग प्रतिरोध करने बाली क्षमता बड़े आदमी के तुलना मे कम होता हे। ऐसे मे बदलते हुए मौसम मे अपना ध्यान रखने के साथ साथ आपना बच्चो का भी बिशेष ध्यान रखना चाहिए। इसलिए आज हम जानेंगे बदलते हुए मौसम मे बच्चो को सुरक्षित कैसे रख सकते हे।

1. नहाने की समय रखिए ध्यान

लगभग सभी बच्चो को गरम के समय ठंडे पानी मे नहाना बोहत पसंद हे। लेकिन आब मौसम बदल रहा हे ठण्ड बढ रही हे। November खतम होते ना होते ठण्ड बोहत बढ़ जाएगी। इसलिए बच्चो की नहाने का समय आपको बदलना होगा। नेही तो आपके बच्चे को हौ सकते हे बिमारी। ऐसे मे हौ सके तो बच्चे को शुभे की जगेह दौपेहर 12 बजे की आसपास धूप मे नहाईए। अगर बच्चा स्कूल जाते हे तो उसे जल्द नहाना पड़ते हे। इसलिए उसे थोड़ासा गर्म पानी मे नहाने की कौसिस कीजिए। इससे बच्चो को ठण्ड लगने का खतरा कम हो जाति हे।

2. बच्चो को साफ़ रखिए और कपड़े पर ध्यान दीजिए

अगर किसी बिमारी से बचना हे तो सबसे जरूरी हैं साफ़ रेहना। इसलिए बच्चो को अगर बिमरिओ से बचाना हे तो उसे भी साफ़ रखिए। बदलते हुए मौसम के समय हर दीन हल्का गर्म पानी मे उसे नहाईए। खाने के पेहले और बादमे बच्चे का हाथ धो दीजिए। स्कूल से आने के बाद उसका हाथ और पैर धो दीजिए। बाथरूम जाने के बाद भी उसका हाथ और पैर धो दीजिए। दीन मे दो से तिन बार बच्चो का कपड़े बदलकर बिलकुल साफ़ कपड़े पेहनाईए। रात मे सोते बक्त फुल paint और shirt पेहनाइए। October के महीने मे रात को ठण्ड बढ़ जाति हे। और इस समय आपके घर मे fan भी चलता हे। इसलिए बच्चो को सोते बक्त उसका शरीर के ऊपर हल्का चादर डाल दीजिए।

3. खाने के उपर ध्यान रखिए

अगर आपका बच्चा का उम्र 6 महीने या उससे बड़ा हे। और उसे आप बोहत ठोस खाना खिला रहे हौ तो बंद कर दीजिए। इसके बदले मे आप उसे सन्तुलित आहार दीजिए। जिस आहार मे साही परिमाण मे विटामिन, Minerals और प्रोटिन हे उसी आहार बच्चे को दीजिए। ताकि उसका रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़े, अंदर से strong हौ जाए। और उसका शारिरीक ग्रोथ भी ठीक रहे।

4. पानी पिलाने के उपर नजर दीजिए

जल जिबन होता हे। इसलिए बच्चो को सही मात्रा मे पानी दीजिए। बच्चे हमेशा पानी ज्यादा नेही पीते। इसलिए आपको ही उन्हें सही मात्रा मे पानी पिलाने का काम करना होगा। आपको हमेशा बच्चे के शरीर मे पानी की कमी नेही होने देने की कौसिस करना होगा। उसे पूरा दीन बार बार थोड़ा थोड़ा करके पानी पिलाइए।

5. रोग संक्रमन होने से बचाइए

इस मौसम मे चारो और सर्दी खाशी बिमरिओ की जिबानु फेला हुआ हे। इसलिए आप हमेशा अपने बच्चो को उन बच्चो से दूर रखने की कौसिस कीजिए, जिसका सर्दी या खांशी जैसे संक्रमित करने बाली बिमारी हुआ हे। जब तक उसका बिमारी हे तब तक उससे अपने बच्चो को दूर रखिए। बिमारी ठीक होने के बाद अपने बच्चो को उसके साथ रेहने दीजिए। क्यूँ की जब बो बच्चो को संक्रमित बिमारी सर्दी - जुखाम होती हे तब बो छिक सकती हे। और छिकने के कारण उसके जिबानु साथ मे रेहने बाली बच्चो को भी अपने चपेट मे ले सकती हे।

6. दुध मे हल्दी मिलाकर दीजिए

हल्दी एक बेहत मेहत्बपुर्न चीज़ हे जो शरीर मे रोग प्रतिरोध करने मे हमारी मदत करते हे। ये सर्दी - जुखाम को रुकने भी बोहत मदत करती हे। इसलिए जब भी बच्चो को सर्दी - जुखाम का लक्ष्मण नज़र आये उसे दुध मे थोड़ासा हल्दी मिलाकर पिला दीजिए। इससे उसका रोग प्रतिरोध क्षमता बाड़ने के साथ साथ उसका सर्दी - खांसी जैसे बिमरिआ को भी ठीक करने मे मदत मिलेगी।

अगर इतना कुछ करने की बाद भी बच्चो को बिमरिआ होते हे तो उसे तुरंत किसी doctor के पास ले जाइए।
बदलते हुए मौसम मे बच्चो को ऐसे रखिए सुरक्षित
किसिभी संक्रमित रोग से जुझ रहे ऐसे ब्याक्ति से अपने बच्चे को दूर रखिए।
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