Kapabhati karne ka tarika aur fayede kya hei ~ कपालभाती करने का तरीका और फायदे क्या हे

कपालभाती करने का तरीका, ओर कपालभाती करने का फायदा क्या हे।

कपालभाती करने का तरीका, ओर कपालभाती करने का फायदा क्या हे।
कपालभाती शब्द के अर्थ कपाल की चमक।

योग एसा चीज़ हे जिसे करने से मनुष्य का शरीर रोग मुक्त हौ जाति हे। अगर आप स्वस्थ रेहना चाहते हे तो आप योग कीजिए। क्यूँ योग करने से जो फायदा मिलती हे बो फायदा किसिभी दबाइ खाने से नेही मिलती हे। आजकल तो हम इतना ब्यस्त हौ चुके हे की हम अपने शरीरहेलो  के तरफ़ ध्यान नेही देते। पूरे दीन ऑफीस मे बठे बठे बोहत सारे लॉग काम करते हे। जिसके बजेह से उसके शरीर मे बोहत सारे दिक़्क़ते आती रेहते हे। जैसा की हाइपर टेंशन, मोटापा, Diabetes, डाइजेस्ट करने मे दिक्कते, खुद्को कमज़ोर मेहसुस करना इत्यादि। और इन सब बिमरिओ से बचने के लिए लॉग दबाइ लेने लाग जाते हे। आज के दीन मे तो बोहत सारे एसा लॉग हे जिसको दबाइ के बिना दीन नेही गुजरता हे। रात मे नींद नेही आती तो नींद आने की दबाइ लो, दीन मे ठीक से खा नेही पा रहे हौ तो भूख बड़ाने की दबाइ लो, शरीर कमज़ोर लाग रही हे तो ताकत बड़ाने बाली दबाइ लो, डायबिटिज, hypertension और मोटापा तो आज के दीनो मे कॉमन बात हौ गयी हे जिसके लिए भी दबाइ लेनी पड़ती हे। लेकिन आप इतने सारे दबाइ खाने से पेहले ये जान लीजिए इन सभी रोगो का इलाज एक ही हे जिसका नाम योग। अगर आप रोजाना योग करते हौ तो आपको इतने आसानी से कोई भी रोग नेही होगी। और योग करने से बोहत सारे रोगो का समुल बिनाश हौ जाएगी। इसलिए जरुर हर शुभे कुछ योग प्रनायम करने की कौसिस कीजिए।
योग के प्रनायम तो बोहत सारे हे जिसको एक पोस्ट मे लिखना सम्भब नेही हे। लेकिन हम जरुर एक एक करके सब के बारे मे अलग अलग पोस्ट मे लिखते रहेंगे। आज के पोस्ट मे हम सबसे बड़े योग प्रनायम मे से एक के बारे मे बात करेंगे जिसका नाम हे कपालभाती। कपालभाती योग अमृत के समान होती हे। जिसे करने से हमें बोहत फायदा मिलेंगे। लेकिन आपको इस योग को करने का कुछ नियम के बारे मे जानना चाहिए। इसे अगर आप ठीक से फ़ॉलो नेही करेंगे तो आपको नुकसान भी हौ सकता हे। इसलिए आप इस पोस्ट को ध्यान से पड़ीए। तो चलिए जान लेते हे कपालभाती कैसे करते हे और कपालभाती करने का फायदा क्या हे।
सबसे पेहले हम जानेंगे कपालभाती कैसे करते हे।

कपालभाती करने का तरीका

अगर आप इस आसन को करना चाहते हौ तो इसे करने का तरीका भी आपको पता होना चाहिए। नेही तो आपको इस आसन करने का फायदा नेही मिल सकता हे। इसलिए आपको इस आसन करने का तरीका जान लेना जरूरी हे। तो चलिए जान लेते हे कपालभाती करने का सही तरीका क्या हे।

  1. सबसे पेहले आप रीड़  हड्डी सीधा करके पद्मासन मे बैठ जाइए। अगर आप पद्मासन नेही कर सकते तो आप सीधा बैठ जाइए।
  2. हाथो को घुटने के ऊपर रखिए और आंखो को बंद करके मन को शांत कीजिए।
  3. एक गेहरी श्वास लीजिए ताकि पेट फूल जाए। उसके बाद पेट को अंदर करते हुए श्वास को ज़ोर से छोड़ दीजिए।  श्वास को बाहर छोड़ते बक्त पेट को ज़ोर से अंदर की और जितना हौ सके खिच लीजिए अगर पेट रिड़ के हड्डी छू ले तो ओर भी अच्छा होगा। जब आप पेट को ढीला छोड़ देंगे श्वास अपने आप फेफड़ो मे चले जाएगा और पेट फिर से फूल जाएगा। उसके बाद आप फिर से पेट को ज़ोर से अंदर की और खिचते हुए श्वास को छोड़ दीजिए।
  4. ऐसे ही आप इस प्रक्रिया को बार बार कीजिए। 10 बार श्वास लेने और छोड़ने के बाद एक राउन्ड पूरा होता हे। एक राउन्ड यानी 10 बार श्वास लेने और छोड़ने के बाद आप थोड़ा आराम ले लीजिए मन को शांत करके। उसके बाद फिर से एक ही प्रक्रिया मे आप चार राउन्ड और पूरा करने की कौसिस कीजिए।
  5. जब आप इस प्रनायम को प्रैक्टिस करना शुरु करेंगे तब आप एक राउन्ड मे 10 बार श्वास लेने और छोड़ने की कौसिस कीजिए। उसके बाद जब आप पुराना होते जाएंगे तब आप धीरे धीरे एक राउन्ड मे 15 बार, 20 बार श्वास लेने और छोड़ने की संख्या मे बड़ोत्री कर सकते हे।
  6. आप इस आसन को किसी अच्छे प्रशिक्षक से सिखकर ही कीजिए।

कपालभाती करने से पेहले इन बातो को जान लीजिए

  1. अगर आपके पेट मे हल ही मे ऑपरेशन हुआ हे तो आप इस आसन को अभी मत कीजिए।
  2. अगर कोई महिला गर्भबती हे तो उसे इस आसन को नेही करना चाहिए। माहिलओ के मासिक धर्म के समय भी इस आसन को नेही करना चाहिए।
  3. अगर आप कमर दर्द, हर्निया, मिर्गी, स्लीप डिस्क, अलसर, पिलिया, हार्ट के समस्या जैसे बिमारीओ से जुझ रहे हे तो आप इस आसन को मत कीजिए।
  4. आप इस आसन को ज़ोर से करने की कौसिस मत कीजिए। अगर इस आसन को करते बक्त आपको कहीं पर दर्द आने लाग जाते हे तो आप इसे छोड़ दीजिए।

कपालभाती करने के कुछ जरूरी बाते

  1. आपको ये आसन हर दीन शुभे सूर्य उठने से पेहले करना चाहिए।
  2. ये आसन किसी शांत जगेह पर करना चाहिए। जाहा के हवा मे ज्यादा से ज्यादा शुद्ध अक्सीजन हे और बिलकुल शांत हे बहि इस आसन को करने की अच्छी जगेह हे।
  3. कपालभाती आसन करते बक्त श्वास लेने से ज्यादा ध्यान आपको श्वास छोड़ने की ऊपर देना होगा।
  4. पेट को अंदर की और खिचते हुए श्वास को छोड़िए।
  5. जब आप श्वास छोड़ते हौ तो कन्धो को ऊपर की और मत ले जाइए।
  6. जब आप टेंशन मे हौ तब आप इस आसन को मत कीजिए। मन को शांत करने के बाद ही इस आसन को कीजिए।
  7. ये आसन को करने से कुछ देर पेहले या बादमे ही भोजन कीजिए।

कपालभाती करने की फायदे

बैसे तो कपालभाती करने की बोहत सारे फायदा हे। लेकिन हम इस आसन का कुछ बड़े बड़े फायदे ही बाताएंगे।
  1. अगर आप अपने शरीर का बजन कम करना चाहते हौ तो आप कपालभाती आसन का प्रैक्टिस कीजिए।
  2. डायबिटिज लेबल को ठीक करने के लिए आप इस आसन को कीजिए।
  3. रक्त मे हिमोग्लोबिन के मात्रा को बड़ाने के लिए इस आसन को किया जा सकता हे।
  4. अगर किसिको हाइपर टेंशन जैसे बिमारी हे तो उसे इस आसन को करना चाहिए।
  5. आंत और पेट से जुड़ी सारे समस्या खत्म करने के लिए कपालभाती आसन करना चाहिए।
  6. अगर आपको खाना ठीक से डाइजेस्ट नेही होती तो आप इस आसन को कीजिए।
  7. चेहरे पर निखार लाने की लिए इस आसन मदत करती हे।
  8. ब्लड सर्क्यूलेशन को ठीक से कराने मे ये आसन हमारे मदत करती हे।

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